Friday - 28 March 2025 - 4:41 PM

कौन है वो दो महिलाओं जिनकी कहानी PM मोदी ने महिला दिवस पर की शेयर

जुबिली न्यूज डेस्क 

पीएम नरेंद्र मोदी ने आज महिला दिवस के अवसर पर अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दो प्रमुख महिलाओं की तस्वीरें साझा की। इनमें से एक महिला एलीना मिश्रा हैं, जो एक परमाणु वैज्ञानिक हैं, और दूसरी शिल्पी सोनी, जो अंतरिक्ष वैज्ञानिक हैं। इन दोनों महिलाओं ने प्रधानमंत्री द्वारा उनके योगदान को याद करने के लिए धन्यवाद कहा और यह संदेश दिया कि भारत विज्ञान के क्षेत्र में एक सक्रिय और जीवंत स्थान बन चुका है, जहां अधिक से अधिक महिलाओं को इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

एलीना और शिल्पी दोनों ने अपने-अपने क्षेत्रों में अवसरों की व्यापक श्रृंखला देखी है। वे कहती हैं कि यह सोचना भी मुश्किल था कि परमाणु प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्र में भारत में महिलाओं के लिए इतने सारे अवसर होंगे। इसी तरह, अंतरिक्ष के क्षेत्र में महिलाओं और निजी क्षेत्र की बढ़ती भागीदारी ने भारत को नवाचार और विकास के लिए सबसे आकर्षक स्थान बना दिया है। भारतीय महिलाओं में न केवल प्रतिभा है, बल्कि भारत में उनके लिए सही मंच भी मौजूद है।

एलीना मिश्रा की सफलता की कहानी

एलीना ने पीएम मोदी के पोस्ट पर लिखा, “मैं एलीना मिश्रा हूं और मैं भुवनेश्वर, ओडिशा से हूं। मेरा परिवार शैक्षिक दृष्टिकोण से मजबूत था, और उन्होंने हमेशा विज्ञान को समझने के लिए एक सकारात्मक वातावरण प्रदान किया। मेरा वैज्ञानिक बनने का सपना मेरे पिता से प्रेरित था, जिन्होंने अपने शोध में अथक मेहनत की। मैंने भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) में काम करना शुरू किया, जहां मुझे विद्युत चुंबकत्व, त्वरक भौतिकी और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में काम करने का अवसर मिला।”

उन्होंने बताया कि उनका सबसे गर्वित क्षण वह था जब 20 MeV प्रोटॉन बीम को सफलतापूर्वक त्वरित किया गया। इसके अलावा, भारतीय संस्थान फर्मिलैब सहयोग के तहत, उन्होंने शिकागो स्थित फर्मी नेशनल एक्सेलेरेटर लेबोरेटरी के प्रोजेक्ट PIP-II के लिए स्वदेशी तौर पर कई फोकसिंग क्वाड्रुपोल मैग्नेट और बीम स्टीयरिंग डिपोल करेक्टर मैग्नेट डिजाइन और विकसित किए। इसके अलावा, उन्होंने दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं के लिए एक नई क्रांतिकारी तकनीक विकसित की है।

शिल्पी सोनी की सफलता की कहानी

शिल्पी सोनी ने अपनी यात्रा को साझा करते हुए कहा, “मैं मध्य प्रदेश के सागर से हूं और एक साधारण पृष्ठभूमि से आती हूं। मेरे परिवार में हमेशा ज्ञान, नवाचार और संस्कृति के प्रति एक गहरी रुचि रही है। मैंने डीआरडीओ में काम करने के बाद इसरो के साथ काम किया, जो मेरे लिए एक सपने के सच होने जैसा था। मैंने पिछले 24 वर्षों में इसरो के 35 से अधिक संचार और नेविगेशन मिशनों में योगदान दिया है।”

उन्होंने कहा कि इसरो में कोई कांच की छत नहीं है, और यह सभी के लिए अनगिनत अवसर प्रदान करता है, जो हमें कठिन चुनौतियों का समाधान करने के लिए प्रेरित करता है। वे इस बात से गर्वित हैं कि इसरो ने वैश्विक स्तर पर केवल कुछ देशों के पास उपलब्ध स्पेस ट्रैवलिंग वेव ट्यूब तकनीक को स्वदेशी रूप से विकसित किया है।

शिल्पी ने आगे कहा, “मैं वर्तमान में GSAT-22/23 संचार पेलोड के लिए एसोसिएट प्रोजेक्ट डायरेक्टर के रूप में काम कर रही हूं। मुझे फ्रेंच गुयाना में इसरो के प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा बनने का भी अवसर मिला, और वहां से एक उपग्रह को अंतरिक्ष में भेजते हुए उस क्षण का हिस्सा बनना मेरे लिए गर्व की बात थी।”

ये भी पढ़ें-अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके़ पर पीएम मोदी ने क्या कहा?

संदेश

एलिना और शिल्पी दोनों का कहना है कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी का क्षेत्र बेहद रोमांचक और संतुष्टिदायक है। जब वे अपने द्वारा डिज़ाइन और विकसित किए गए सिस्टम को वास्तविक दुनिया में लागू होते हुए देखते हैं, तो उन्हें अपार खुशी मिलती है। भारत के परमाणु और अंतरिक्ष कार्यक्रम में कई ऐसे वैज्ञानिक हैं जिनकी वे सराहना करती हैं और जिन्होंने इन क्षेत्रों में भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में योगदान दिया है।

Radio_Prabhat
English

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com