जुबिली स्पेशल डेस्क
नई दिल्ली। वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 गुरुवार को लोकसभा में तमाम विवादों और चर्चाओं के बीच पारित हो गया।
इस विधेयक को पास कराने के लिए सरकार को काफी मशक्कत करनी पड़ी, क्योंकि विपक्ष ने इसे रोकने के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी और सदन में जोरदार बहस भी देखने को मिली।
अंततः रात करीब दो बजे, विधेयक को 288 के मुकाबले 232 मतों से मंजूरी मिल गई। इस महत्वपूर्ण विधेयक को पारित कराने के लिए सदन की कार्यवाही देर रात तक चली।
विपक्ष ने विधेयक के विरोध में जोरदार बहस और हंगामा किया। इसके अलावा, मुसलमान वक्फ अधिनियम, 1923 को निरस्त करने वाला मुसलमान वक्फ (निरसन) विधेयक, 2024 भी सदन में ध्वनि मत से पारित हो गया।
अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को लोकसभा में यह विधेयक पेश किया और चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि यह मुस्लिम समुदाय के हित में है।
हालांकि, सरकार के लिए इसे पारित कराना आसान नहीं था, क्योंकि विपक्षी सदस्यों ने मत विभाजन की मांग की। इसके बाद, 288 मत विधेयक के पक्ष में और 232 मत विरोध में पड़े, जिसके बाद इसे मंजूरी मिल गई।
इस दौरान एक नया विवाद भी देखने को मिला, जब लॉबी क्लियर करने के बाद कई सदस्यों को सदन में प्रवेश देने को लेकर आपत्ति जताई गई।
विपक्षी सदस्यों की नाराजगी का जवाब देते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने स्पष्ट किया कि नए संसद भवन में शौचालय की व्यवस्था लॉबी में ही की गई है, और केवल लॉबी से ही सदस्यों को अंदर आने की अनुमति दी गई। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी को भी बाहर से आने की अनुमति नहीं दी गई है।
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— NDTV India (@ndtvindia) April 2, 2025
वक्फ बोर्ड में दो गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल करने के प्रावधान को लेकर रिवॉल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी के सांसद एन.के. प्रेमचंद्रन ने एक संशोधन प्रस्ताव रखा। इस पर मत विभाजन हुआ, लेकिन यह संशोधन 231 के मुकाबले 288 मतों से अस्वीकृत हो गया।
विपक्ष द्वारा लाए गए अन्य सभी संशोधनों को सदन ने ध्वनि मत से खारिज कर दिया।वहीं, सरकार द्वारा पेश तीन संशोधनों को मंजूरी मिली, जिसके तहत खंड 4ए और 15ए विधेयक में जोड़े गए। मतदान के दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लोकसभा में मौजूद नहीं थे।