जुबिली न्यूज़ ब्यूरो
नई दिल्ली. यूक्रेन और रूस के बीच भीषण जंग छिड़ी हुई है. रूस के मुकाबले यूक्रेन की सेना काफी कमज़ोर है लेकिन इसके बावजूद यूक्रेन की सेना ने अपने आख़री दम तक लड़ने का एलान किया है. एक सैनिक ने तो देशप्रेम की ऐसी मिसाल पेश की जिस पर यूक्रेन के नागरिकों को सारी ज़िन्दगी गर्व होगा. यूक्रेन की मरीन बटालियन के इंजीनियर विटाली स्काकुन वोलोडिमीरोविच ने रूस और यूक्रेन को जोड़ने वाले पुल के साथ ही खुद को भी उड़ा लिया. रूस की सेना के लिए अपने टैंक लाने के लिए यही पुल एक बड़ा सहारा था.
रूस के मुकाबले यूक्रेन की सेना काफी कमज़ोर है लेकिन अपनी कमजोरी के बावजूद सेना ने अपनी आख़री सांस तक संघर्ष करने का फैसला किया है. यूक्रेन की सेना ने अपने दक्षिणी सूबे खेरसान में हेनिचेस्क पुल पर मरीन बटालियन के इंजीनियर विटाली को सुरक्षा की कमान सौंपी थी. विटाली ने जब यह देखा कि रूस उस पुल का इस्तेमाल अपने टैंक लाने के लिए कर रहा है तो उसने पुल को उड़ाने का फैसला किया. पुल के गिरने में किसी किस्म का संदेह न रह जाये यह सोचते हुए उसने पुल को ध्वस्त करने लायक विस्फोटक के साथ खुद को पुल पर जाकर उड़ा दिया.
विटाली की इस कुर्बानी की वजह से रूस को यूक्रेन तक अपने टैंक पहुँचाने के लिए काफी लम्बा रास्ता तय करना पड़ा. विटाली ने अपनी सेना को वह मौका मुहैया कराया जिसमें उसे रूस को जवाब देने के लिए समय मिल गया.
यूक्रेन की सेना ने अपने बहादुर साथी को याद करते हुए उसे भरोसा दिलाया है कि हम जब तक जिन्दा रहेंगे तब तक हथियार नहीं डालेंगे और अपने देश के लिए रहती सांस तक रूस के साथ संघर्ष करते रहेंगे.
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