जुबिली स्पेशल डेस्क
एक समय था जब यूक्रेन एक संपन्न और विकसित देश हुआ करता था। सोवियत संघ से अलग होने के बाद भी उसने तेजी से तरक्की की, लेकिन रूस से बिगड़ते रिश्ते आखिरकार युद्ध में बदल गए। इस युद्ध ने यूक्रेन को गहरे जख्म दिए, जिससे वह पूरी तरह तबाह और बर्बाद हो गया।
कहा जाता है कि ज़ेलेंस्की जब यूक्रेन की सत्ता पर काबिज हुए तो उन्होंने रूस से दूरियां बना ली और अमेरिका के साथ उनकी दोस्ती और उनका झुकाव बढऩे लगा। इतना ही नहीं अमेरिका से दोस्ती कर नाटो में शामिल होना की चाहत रखने वाले ज़ेलेंस्की अब पूरी तरह से टूट चुके हैं और रूस के आगे झुकने को तैयार हो गए है।
मामला यहीं पर खत्म नहीं हुआ बल्कि ज़ेलेंस्की अब ट्रंप की बात भी मान ली है और रूस से बातचीत करने को तैयार है और जल्द उनकी मुलाकात पुतिन से हो सकती है।
ज़ेलेंस्की के पास अब कोई रास्ता नहीं बचा है क्योंकि भीषण युद्ध में हजारों लोग मारे गए. घर, मकान, सडक़ें, पुल…सच कहें तो यूक्रेन का हर कोना बर्बाद हो गया।
उधर मीडिया रिपोर्ट्स से पता चला है कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र (UN) में यूक्रेन संघर्ष पर एक प्रस्ताव पेश किया, जिसमें रूस के कब्जे वाले कीव क्षेत्र का कोई उल्लेख नहीं किया गया है।
एएफपी द्वारा देखे गए वाशिंगटन के उस प्रस्ताव में कीव की क्षेत्रीय अखंडता का उल्लेख किए बिना “संघर्ष को शीघ्र समाप्त करने” का आह्वान किया गया है। संयुक्त राष्ट्र में मास्को के राजदूत वासिली नेबेंज़िया ने इसे “एक अच्छा कदम” बताते हुए स्वागत किया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि मॉस्को और कीव के बीच युद्ध को खत्म करने के लिए यूक्रेन के वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की और रूस के व्लादिमीर पुतिन को एक साथ आना होगा।
ट्रंप ने व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा, “मुझे लगता है कि राष्ट्रपति पुतिन और राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की को एक साथ आना होगा, क्योंकि हम लाखों लोगों को मरने देना बंद करना चाहते हैं।
ज़ेलेंस्की ने अपने शाम के वीडियो संबोधन में कहा, “यह एक समझौता है, जो हमारे रिश्ते को मजबूत कर सकता है, और मुख्य बात यह है कि इस पर और काम करना है ताकि यह काम कर सके. मुझे एक परिणाम की उम्मीद है – एक निष्पक्ष परिणाम।”