जुबिली न्यूज डेस्क
तेलंगाना सरकार ने राज्य के स्कूलों में तेलुगू भाषा को अनिवार्य विषय बनाने का आदेश जारी किया है। इस आदेश के तहत, सभी सरकारी और निजी स्कूलों में तेलुगू को एक अनिवार्य विषय के रूप में पढ़ाया जाएगा। यह कदम तेलंगाना राज्य की सांस्कृतिक और भाषाई धरोहर को संरक्षित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
इस नीति का उद्देश्य छात्रों को तेलुगू भाषा और साहित्य से परिचित कराना है ताकि वे अपनी मातृभाषा में कुशल हो सकें और राज्य की सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा मिल सके। आदेश के अनुसार, तेलुगू को कक्षा 1 से लेकर कक्षा 10 तक एक अनिवार्य विषय के रूप में पढ़ाया जाएगा।
तेलंगाना सरकार ने राज्य के सभी स्कूलों में तेलुगू भाषा को अनिवार्य विषय बनाने का आदेश जारी किया है। यह आदेश सरकारी, सीबीएसई, आईसीएसई, आईबी और अन्य बोर्डों से संबद्ध स्कूलों पर लागू होगा। शैक्षणिक सत्र 2025-26 से कक्षा 9 के छात्रों के लिए तेलुगू को अनिवार्य विषय के रूप में लागू किया जाएगा, जबकि कक्षा 10 के छात्रों के लिए यह आवश्यकता 2026-27 से प्रभावी होगी।
इस कदम का उद्देश्य तेलुगू भाषा और संस्कृति को संरक्षित करना और छात्रों को अपनी मातृभाषा में दक्ष बनाना है। शिक्षा विभाग को इन निर्देशों के पालन की निगरानी करने के लिए कहा गया है।
इस नीति के तहत, तेलुगू को कक्षा 1 से लेकर कक्षा 10 तक एक अनिवार्य विषय के रूप में पढ़ाया जाएगा। सरकार ने तेलुगू भाषा बोलने वाले और न बोलने वाले छात्रों के लिए अलग-अलग पाठ्यपुस्तकों की व्यवस्था की है। तेलुगू बोलने वाले छात्रों के लिए ‘तेनेपालुकुलु’ और न बोलने वाले छात्रों के लिए ‘वेनेला’ नामक किताबें तैयार की गई हैं। यह नीति तेलंगाना राज्य की सांस्कृतिक और भाषाई धरोहर को संरक्षित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम है, जिससे आने वाली पीढ़ियाँ अपनी मातृभाषा में प्रवीण बन सकें।