जुबिली न्यूज डेस्क
अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हाल ही में घोषित टैरिफ नीति के बाद शेयर बाजार में भारी उथल-पुथल देखने को मिली है। यह गिरावट साल 2020 के बाद की सबसे बड़ी मानी जा रही है। ट्रंप ने वैश्विक आयात पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने की योजना की घोषणा की थी, जिसका उद्देश्य अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और संघीय राजस्व बढ़ाना था। हालांकि, इस फैसले का असर उल्टा पड़ता दिख रहा है। घोषणा के एक दिन बाद ही ग्लोबल शेयर मार्केट में तेज गिरावट दर्ज की गई।

अमेरिकी बाजार में डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में 1,100 से अधिक अंकों की कमी आई, जबकि नैस्डैक में 4 प्रतिशत और एसएंडपी 500 में 3.7 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। इससे अमेरिकी शेयर बाजार से करीब 2 ट्रिलियन डॉलर का नुकसान हुआ। नाइकी, एपल और टारगेट जैसे बड़े ब्रांड्स के शेयरों में 9 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई। एशिया-प्रशांत क्षेत्र के बाजारों में भी लगातार दूसरे दिन गिरावट का रुख रहा, जिसमें जापान का निक्केई इंडेक्स 4 प्रतिशत से अधिक टूट गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन टैरिफ्स से कीमतों में बढ़ोतरी होगी, जिसका असर अमेरिका और वैश्विक अर्थव्यवस्था के विकास पर पड़ सकता है। इस नीति ने निवेशकों में अनिश्चितता पैदा कर दी है, जिसके चलते बाजारों में भारी बिकवाली देखी जा रही है।