स्पेशल डेस्क
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण शुक्रवार को मोदी सरकार 2.0 का पहला बजट पेश किया। बतौर पूर्णकालिक वित्त मंत्री बजट पेश करने वाली वह देश की पहली महिला हैं. वही इस बार बजट को ‘बही-खाता’ नाम दिया गया है और ब्रीफ़केस की जगह इसे लाल कपड़े में पेश किया गया। निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण के दौरान कहा कि इस बार देश की जनता ने पूर्ण बहुमत के साथ हमें सरकार में बैठाया है।

इस चुनाव में लोगों ने भरपूर वोट दिया। पहली बार महिला, युवा, बुजुर्गों ने अच्छा काम करने वाली सरकार पर भरोसा जताया। उधर इस बजट सेे खेल जगत में अच्छी-खासी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को खेलों को लेकर कई तरह की योजनाओं की घोषणाएं की। इसके तहत खेलो इंडिया स्कीम का विस्तार होगा। इस योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय खेल शिक्षा बोर्ड स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा उन्होंने टॉप संस्थानों को 400 करोड़ देने की बात भी कही।
राष्ट्रीय खेल शिक्षा बोर्ड के गठन की बात इस बजट में कही गई है। उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया स्कीम का विस्तार होगा। इस योजना के अंतर्गत खिलाड़ियों के विकास के लिए राष्ट्रीय खेल बोर्ड स्थापित किया जाएगा। बता दें कि केंद्र सरकार ने आम चुनाव 2019 से पहले शुक्रवार (1 फरवरी) को वित्तीय वर्ष 2019-2020 के लिए अंतरिम बजट पेश करते हुए 2019-2020 के लिए कुल खेल बजट को साल 2018-19 के 2002.72 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 2,216.92 करोड़ कर दिया था।

उत्तर प्रदेश के खेल निदेशक डॉ आरपी सिंह ने सरकार की तारीफ करते हुए कहा है कि खेलो इंडिया स्कीम के तहत कई अच्छे खिलाडिय़ों
को उदय हुआ है। उन्होंने कहा सरकार की इस स्क्रीम से खिलाडिय़ों की प्रतिभा खोजने में आसानी हुई है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खेल शिक्षा बोर्ड स्थापित होने से भी स्कूली स्तर पर नई प्रतिभा तलाशी जा सकती है। डॉ आरपी सिंह के अनुसार स्कूली स्तर से ही नई प्रतिभाओं को सामने लाना होगा ताकि भारत को विश्व स्तरीय खिलाड़ी मिल सके।


लखनऊ एथलेटिक्स जिला सचिव बह्मश्वेश्य बरू ने बताया कि खेलों के विकास में खेलो इंडिया स्कीम काफी अहम योगदान निभा रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खेल शिक्षा बोर्ड स्थापित होने से कई फायदा होंगे।
उन्होंने कहा कि स्कूली स्तर पर नई प्रतिभा की तलाश करने में आसानी होगी।
