जुबिली न्यूज डेस्क
राजस्थान विधानसभा में मंत्री अविनाश गहलोत द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को ‘दादी’ कहने का मामला तूल पकड़ गया है। कांग्रेस ने इसे इंदिरा गांधी का अपमान मानते हुए विरोध जताया और विधानसभा में जोरदार हंगामा किया। कांग्रेस के विधायक वेल में आकर नारेबाजी करने लगे, जिसके बाद अध्यक्ष ने 6 विधायकों को निलंबित कर दिया। इस निलंबन के विरोध में कांग्रेस ने आगामी 22 फरवरी को राज्यभर के जिला मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है।
पूरा विवाद क्या था?
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब मंत्री अविनाश गहलोत ने विधानसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए इंदिरा गांधी को ‘दादी’ कह दिया। कार्यवाही के दौरान जब उन्होंने कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास योजना पर बात की, तो उन्होंने विपक्ष की तरफ इशारा करते हुए कहा, “2023-24 के बजट में आपने हर बार की तरह अपनी ‘दादी’ इंदिरा गांधी के नाम पर इस योजना का नाम रखा था।”
कांग्रेस का विरोध
कांग्रेस ने इस बयान को इंदिरा गांधी का अपमान बताया और इसे लेकर तीव्र विरोध जताया। कांग्रेस नेता टीकाराम जूली ने इसे बीजेपी की ओर से इंदिरा गांधी के खिलाफ की गई टिप्पणी करार दिया और कहा कि यह “उल्टा चोर कोतवाल को डांटे” वाली स्थिति है। उन्होंने कहा कि अगर विधायकों को अपनी शिकायत लेकर अध्यक्ष के पास नहीं जाना पड़े, तो फिर वह कहां जाएंगे?
निलंबन के बाद कांग्रेस का रुख
6 विधायकों के निलंबन के बाद कांग्रेस और आक्रामक हो सकती है। निलंबित विधायक अब सदन के वेल में धरना दे रहे हैं। कांग्रेस यह देखना चाहती है कि क्या उनके विरोध के बाद विधानसभा सत्र के लिए निलंबन का निर्णय वापस लिया जाएगा या नहीं।