जुबिली स्पेशल डेस्क
लोकसभा में आज (बुधवार) दोपहर 12 बजे वक्फ संशोधन विधेयक पेश किया जाएगा, लेकिन इससे पहले जनता दल (यूनाइटेड) के भीतर मतभेद उभरते दिख रहे हैं। पहले ऐसी खबरें थीं कि नीतीश कुमार की पार्टी इस बिल का पूरा समर्थन करेगी, लेकिन अब पार्टी के वरिष्ठ नेता और एमएलसी गुलाम गौस के बयान से मोदी सरकार के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।
गुलाम गौस ने एक टीवी चैनल से बातचीत में साफ कहा कि अगर यह विधेयक पेश हुआ, तो देशभर में मुस्लिम समुदाय इसके खिलाफ आंदोलन करेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करते हुए कहा कि विधेयक को संसद में पेश ही न किया जाए।
गौस ने आगे कहा, “जिस तरह केंद्र सरकार ने किसानों से जुड़े कानून वापस लिए थे, उसी तरह वक्फ विधेयक को भी वापस लेना चाहिए। देश को आंदोलन की आग में मत झोंकिए।”
उनके इस बयान से जेडीयू में मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। अब देखना होगा कि क्या जेडीयू इस विधेयक पर अपना रुख बदलती है या फिर केंद्र सरकार के साथ खड़ी रहती है।
बता दे कि वक्फ (संशोधन) बिल, 2024 बुधवार को लोकसभा में पेश किया जाएगा, जबकि गुरुवार को इसे राज्यसभा में प्रस्तुत करने की योजना है।
अल्पसंख्यक एवं संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने जानकारी दी कि लोकसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी ने इस पर आठ घंटे की बहस पर सहमति जताई है। इस कमेटी के अध्यक्ष लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला हैं, और इसमें सभी प्रमुख पार्टियों के नेता शामिल होते हैं।
सरकार को सहयोगी दलों का भरोसा
भाजपा को भरोसा है कि वह इस विधेयक को आसानी से पारित करा लेगी। इसका कारण यह है कि टीडीपी (चंद्रबाबू नायडू) और जेडीयू (नीतीश कुमार) जैसे सहयोगी दल पहले ही बिल के समर्थन की घोषणा कर चुके हैं। अन्य दलों की स्थिति भी धीरे-धीरे स्पष्ट हो रही है, जिनका समर्थन विधेयक पारित कराने में अहम भूमिका निभाएगा।
विपक्ष ने बनाई विरोध की रणनीति
विपक्षी INDIA गठबंधन इस बिल का एकजुट होकर विरोध कर रहा है और अपनी रणनीति तैयार कर रहा है। वहीं, बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने अपने सांसदों के लिए व्हिप जारी किया है ताकि वे संसद में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित कर सकें। अब देखना होगा कि इस विधेयक पर संसद में कैसी बहस होती है और क्या इसे आसानी से पारित किया जा सकेगा।