जुबिली न्यूज डेस्क
संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के किसानों ने बुधवार सुबह चंडीगढ़ की ओर मार्च शुरू किया, लेकिन उन्हें सीमा पर ही रोक दिया गया। पंजाब पुलिस ने इस दौरान करीब 700 किसानों को हिरासत में लिया, जिनमें प्रमुख किसान नेता जैसे जोगेंद्र सिंह उग्राहां, बलबीर सिंह राजेवाल और जगसीर सिंह चीनीवाल भी शामिल थे।
पंजाब पुलिस ने किसानों के आंदोलन को रोकने के लिए रात के समय कई किसान नेताओं को हिरासत में लिया। यह कार्रवाई एसकेएम नेताओं और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के बीच बैठक के बाद की गई, जो अचानक समाप्त हो गई थी।
किसानों के चंडीगढ़ कूच और धरने को लेकर किसी भी प्रकार की अशांति की आशंका को देखते हुए चंडीगढ़ और मोहाली की सीमाओं पर बैरिकेड्स लगाए गए और सुरक्षा बढ़ा दी गई। पुलिस ने मंगलवार को यातायात परामर्श जारी करते हुए यह कहा था कि 5 मार्च को कुछ सड़कों पर यातायात को नियंत्रित किया जा सकता है, ताकि सार्वजनिक सुरक्षा और वाहन आवागमन सुनिश्चित किया जा सके।
पंजाब के किसान संगठनों के सदस्य ट्रैक्टर ट्रॉलियों पर सवार होकर चंडीगढ़ की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन पुलिस ने लुधियाना और पटियाला सहित कई स्थानों पर भारी पुलिस बल और बैरिकेड्स के साथ उन्हें रोक दिया।
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फिरोजपुर से आने वाले किसानों को लुधियाना के समराला निर्वाचन क्षेत्र के हेडन गांव के पास रोका गया, जबकि पटियाला से आ रहे दूसरे समूह को पटियाला-चंडीगढ़ रोड पर रेत के टिप्परों से रोका गया। फाजिल्का से आ रहे किसानों का तीसरा समूह भी लुधियाना के जगराओं निर्वाचन क्षेत्र में रुक गया।किसान संगठनों का कहना है कि वे दिल्ली में धरना देने के लिए तैयार हैं, भले ही इसके लिए उन्हें बल प्रयोग का सामना करना पड़े।