जुबिली न्यूज डेस्क
केंद्र सरकार बुधवार को लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक, 2024 पेश करने जा रही है। इस बिल को लेकर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने कड़ा विरोध दर्ज किया है। बोर्ड के महासचिव अब्दुल रहीम कासमी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह बिल पहले से ज्यादा आपत्तिजनक हो गया है और सरकार इसे एक “सोची-समझी योजना” के तहत लागू कर रही है।
विरोध में 5 करोड़ ईमेल, लेकिन सरकार ने नहीं सुनी
अब्दुल रहीम ने कहा कि इस विधेयक का संयुक्त संसदीय समिति (JPC) ने भी विरोध किया था। इसके अलावा, 5 करोड़ लोगों ने विरोध में ईमेल भेजे, लेकिन सरकार ने किसी भी सुझाव पर विचार नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह संशोधन वक्फ संपत्तियों का प्रबंधन मुस्लिम समुदाय के हाथ से छीनकर सरकार को सौंपने की कोशिश है।
AIMPLB के मुख्य आपत्ति बिंदु:
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CEO के पद पर अब मुस्लिम नहीं होगा – पहले वक्फ बोर्ड का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मुस्लिम समुदाय से होता था, लेकिन नए संशोधन के तहत इसे बदल दिया गया है।
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वक्फ संपत्तियों का सरकारी नियंत्रण – अब वक्फ की संपत्तियों पर नियंत्रण सरकार के पास होगा, जिससे मुस्लिम समुदाय का स्वायत्त प्रशासन खत्म हो जाएगा।
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धार्मिक स्वतंत्रता पर खतरा – बोर्ड का कहना है कि यह विधेयक संविधान के अनुच्छेद 14, 25 और 26 का उल्लंघन करता है, जो धार्मिक स्वतंत्रता और संपत्ति के अधिकारों की रक्षा करता है।
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मस्जिदों और वक्फ संपत्तियों पर बढ़ते विवाद – रहमानी ने कहा कि उपासना स्थल अधिनियम (Places of Worship Act, 1991) के बावजूद हर मस्जिद में मंदिर खोजने की कोशिशें हो रही हैं। अगर यह संशोधन पास हुआ तो वक्फ संपत्तियों पर अवैध दावों में बढ़ोतरी होगी।
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कलेक्टर और जिला प्रशासन को अधिक शक्ति – इस संशोधन के बाद, कलेक्टर और जिला मजिस्ट्रेट को वक्फ संपत्तियों को कब्जे में लेने और जब्त करने की शक्ति मिल जाएगी।
मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की राजनीतिक दलों से अपील
AIMPLB ने बीजेपी के सहयोगी दलों और अन्य विपक्षी दलों से अपील की है कि वे इस विधेयक का संसद में विरोध करें और इसके खिलाफ मतदान करें। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी इस कानून के जरिए वक्फ संपत्तियों को कमजोर और नष्ट करना चाहती है।
अगर विधेयक पास हुआ तो आंदोलन होगा
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने साफ कहा कि अगर यह विधेयक संसद में पास हो जाता है, तो देशव्यापी शांतिपूर्ण आंदोलन शुरू किया जाएगा।
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सरकार का पक्ष
हालांकि, सरकार का कहना है कि यह संशोधन वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने के लिए लाया गया है। सरकार का दावा है कि इससे अवैध कब्जों पर रोक लगेगी और प्रशासनिक सुधार होंगे।