न्यूज डेस्क
पाकिस्तान के पास सिर्फ और सिर्फ एक ही काम है और वह है भारत के खिलाफ दुष्प्रचार। उसके खुद के घर में क्या हो रहा है उसे कोई खोज-खबर नहीं है। शायद इसीलिए भारत के खिलाफ दुनिया भर में कश्मीर का राग अलापने वाला पाक खुद अपने घर की समस्याओं पर घिर गया है।
दरअसल मानवाधिकार कार्यकर्ता गुलालाई इस्माइल के अमेरिका में जाकर शरण मांगने से पाकिस्तान की खासी किरकिरी हुई है। अब तक भारतीय सेना पर कश्मीर में मानवाधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाने वाले पाकिस्तान को इस पर जवाब देना मुश्किल हो रहा है।
गुलालाई इस्लाइल कई महीनों तक पाकिस्तान में छिपी हुई थीं। मौत के डर से वह किसी तरह बचकर अमेरिका पहुंची हैं और राजनीतिक शरण की मांग की है।
32 वर्षीया गुलालाई इस्माइल पाकिस्तान में महीनों तक गुप्त ठिकानों पर छिपी रही। अगस्त महीने में ही वह अमेरिका पहुंच गई थीं। हालांकि वह इस सप्ताह ही सामने आईं।
गुलालाई इस्माइल ऐसे वक्त में पाकिस्तान के खिलाफ सामने आई हैं, जब वह कश्मीर में मानवाधिकारों के उल्लंघन का आरोप भारत पर लगा रहा है।
वहीं भारत का कहना है कि कश्मीर में स्थितियां सामान्य हो रही हैं और पाकिस्तान घाटी में आतंकियों की घुसपैठ कराकर अशांति फैलाने की कोशिश में है।
यदि वैश्विक समुदाय की बात करें तो उसने भारत की इस बात को स्वीकार किया है कि पाकिस्तान कश्मीर में आतंकवाद फैला रहा है। ट्रंप प्रशासन ने भी वैश्विक समुदाय के सुर में सुर मिलाते हुए कहा है, ‘पाकिस्तान के आतंकवादी जो कश्मीर में हिंसा फैला रहे हैं, वे कश्मीरियों और पाकिस्तान के दुश्मन हैं।’
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फिलहाल पाकिस्तान अब खुद ही चौतरफा आतंकवाद के मसले पर घिरा हुआ है और अब अपने ही देश के मानवाधिकार कार्यकर्ता को लेकर निशाने पर है।
वरिष्ठ अमेरिकी पत्रकार डेकल्न वॉल्श ने गुलालाई इस्माइल को लेकर ट्वीट किया, ‘पाकिस्तानी मानवाधिकार कार्यकर्ता देश से बाहर भाग रहे हैं। आईएसआई के डर से वे ऐसा कर रहे हैं। यह ऐसा ही है, जैसे उत्तर कोरिया के मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को देश छोडऩा पड़ता है।’
क्यों निशाने पर आई गुलालाई इस्माइल
पाकिस्तानी अधिकारियों ने गुलालाई इस्माइल को इसलिए निशाने पर लिया है क्योंकि उन्होंने देश की सेना द्वारा किए जाने वाले अत्याचारों को उजागर किया था। उन पर पाकिस्तान ने राजद्रोह का आरोप लगाया गया था जिसके बाद वह भागकर अमेरिका आ गईं।
इस्माइल ने पाकिस्तानी सेना द्वारा यौन शोषण की घटनाओं को उजागर करने की कोशिश की थी। देश की महिलाओं पर होने वाले अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाने की वजह से उन पर देशद्रोह का आरोप लगाया गया। महिला कार्यकर्ताओं के एक समूह ने प्रधानमंत्री इमरान खान को पत्र लिखकर गुलालाई इस्माइल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की थी। उन्होंने अपने ऊपर लगे देशद्रोह के मामले को गलत बताया है।
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रिपोर्ट के मुताबिक गुलालाई इस्माइल वर्तमान में अपनी बहन के साथ ब्रूकलिन में रह रही हैं। उन्होंने यह नहीं बताया है कि वह कैसे पाकिस्तान से भागकर आईं। उनका कहना है कि उन्होंने किसी भी हवाई अड्डे से उड़ान नहीं भरी है।
इस्माइल ने कहा, ‘मैं आपको इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दूंगी। मेरी देश से भागने की कहानी बहुत से लोगों की जान को खतरे में डाल सकती है।’
वहीं कोई भी राजनेता इस पर टिप्पणी करने से बच रहा है। न्यूयॉर्क में इस्माइल ने कुछ प्रमुख मानवाधिकार रक्षकों और कांग्रेस नेताओं के कर्मचारियों से मिलना शुरू कर दिया है। पाकिस्तानी सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि गुलालाई इस्माइल के पीछे सुरक्षा अधिकारी थे लेकिन उसका पता नहीं लगाया जा सका।
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