जुबिली स्पेशल डेस्क
लखनऊ। यूपी की राजधानी लखनऊ स्थित भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम शुक्रवार को एक बार फिर क्रिकेट प्रेमियों के जुनून का गवाह बना, जब लखनऊ सुपर जायंट्स और मुंबई इंडियंस के बीच बहुप्रतीक्षित मुकाबला खेला गया। लेकिन मुकाबले की शुरुआत से पहले ही एक बड़ी खबर ने फैंस के उत्साह पर पानी फेर दिया—टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज़ और ‘हिटमैन’ के नाम से मशहूर रोहित शर्मा इस मैच का हिस्सा नहीं थे।
सुबह से ही इकाना स्टेडियम के बाहर रोहित फैंस की भारी भीड़ उमड़ने लगी थी। बच्चे हों या बुज़ुर्ग, हर कोई रोहित शर्मा की जर्सी पहने, उनके नाम के पोस्टर हाथ में लिए स्टेडियम की ओर बढ़ रहा था। गेट्स पर “हिटमैन” के नारे गूंज रहे थे और हर किसी को एक ही इंतज़ार था—रोहित शर्मा को बैटिंग करते देखने का।
रोहित का क्रेज, पंत से भी ज्यादा
इस मैच में भले ही LSG के कप्तान ऋषभ पंत मैदान पर मौजूद नहीं थे, लेकिन रोहित का क्रेज इतना था कि कई दर्शकों ने कहा कि वे सिर्फ उन्हें ही देखने आए थे। स्टेडियम के कई हिस्सों में ‘हिटमैन’ का नाम गूंज रहा था। जब मुंबई इंडियंस की प्लेइंग इलेवन की घोषणा हुई और उसमें रोहित शर्मा का नाम नहीं था, तो पूरे स्टेडियम में मायूसी छा गई।
चोट और फॉर्म का संकट
टॉस से ठीक पहले मुंबई के कप्तान हार्दिक पांड्या ने जानकारी दी कि रोहित शर्मा पूरी तरह फिट नहीं हैं, इसलिए उन्हें आराम दिया गया है।
यह खबर जैसे ही आई, सोशल मीडिया से लेकर स्टेडियम तक रोहित के फैंस में हलचल मच गई। जुबिली पोस्ट मैच से एक दिन पहले ही बता दिया था रोहित शर्मा का खेलना तय नहीं है। टीम मैनजमेंट इससे पहले उनको इम्पैक्टर प्लेयर के तौर पर केकेआर के खिलाफ उतारा था और लखनऊ के खिलाफ ये संभावना बन रही थी कि वो 11 में शामिल नहीं रहेंगे। गौरतलब है कि रोहित हालिया मैचों में फॉर्म में नहीं चल रहे थे। इससे पहले कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ उन्हें ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ के तौर पर उतारा गया था, जो कि उनके करियर में शायद पहली बार हुआ था। टीम मैनेजमेंट के इस फैसले ने पहले ही संकेत दे दिए थे कि रोहित को लेकर कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है।
स्टेडियम के बाहर मिले एक फैन ने निराशा जताते हुए कहा, “हम इलाहाबाद से सिर्फ रोहित शर्मा को देखने आए थे। टिकट भी महंगे खरीदे, लेकिन जब सुना कि वो खेल ही नहीं रहे, तो दिल टूट गया।”
दूसरे फैन ने कहा, “रोहित आउट ऑफ फॉर्म हो सकते हैं, लेकिन वो हमारी भावनाओं का हिस्सा हैं। उनका मैदान पर होना ही काफी होता है।”
क्या प्लेइंग इलेवन से बाहर होना था जरूरी?
क्रिकेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि भले ही रोहित फॉर्म में न हों, लेकिन उनका अनुभव और मैदान पर मौजूदगी टीम के लिए बड़ा फर्क ला सकती थी। साथ ही, ये भी सवाल उठता है कि क्या यह ‘रेस्ट’ सिर्फ फिटनेस का मामला है, या किसी रणनीतिक बदलाव की शुरुआत?
रोहित शर्मा की गैरमौजूदगी ने जहां फैंस को निराश किया, वहीं टीम मैनेजमेंट पर भी सवाल उठाए हैं। क्या अब रोहित को पूरे सीजन ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ के तौर पर ही इस्तेमाल किया जाएगा? या वे फिर से अपनी जगह वापस पा सकेंगे? इन सवालों के जवाब आने वाले मैचों में ही मिल पाएंगे।