स्पेशल डेस्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी के शहीनबाग कहे जाने वाले घंटाघर से आज एक चौंका देने वाली खबर सामने आ रही है। पिछले दो महीनों से निरंतर चल रहे घंटाघर के विरोध प्रदर्शन को सरकार लगातार खत्म कराने के लिए तमाम जतन कर चुकी है, लेकिन खबर ये है कि कोरोना वायरस की आड़ में जबरन लोगों को वहां से हटाने के लिए पुलिस बल बार-बार लोगों से अपील कर रही है। यही नहीं इसके लिए पुलिस बल और प्रदर्शनकारियों की तीखी- नोक झोंक भी देखने को मिली।
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सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक घंटाघर प्रर्दशन को खत्म कराने के लिए योगी सरकार एक्शन में आ चुकी है बार-बार इसको खत्म करने के लिए नोटिसें भी जारी की जाती रही है, जबकि पुलिस ने पहले ही प्रदर्शनकारियों को नोटिस जारी कर कानूनी र्कारवाई करने का दबाव डाल दिया है।
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जानकारी के मुताबिक सरकार ने घंटाघर पर नागरिकता संशोधन कानून को लेकर चल रहे प्रदर्शन को खत्म कराने के लिए कहा है। प्रदर्शन कर रही महिलाओं को पुलिस ने कोरोना के फैलते संक्रमण को देखते हुए इस प्रदर्शन को खत्म करने के लिए कहा है। इतना ही नहीं सरकार ने कोरोना वायरस के चलते किसी भी तरह के धरना प्रदर्शन पर रोक लगा रखी है। पुलिस ने सोमवार की रात को घंटाघर प्रदर्शनकारियों को नोटिस बांटा।
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बता दें कि देश में इन दिनों नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) को लेकर विरोध प्रदर्शन लगातार देखने को मिल रहा है। आलम तो यह है कि इन प्रदर्शनकारियों पर कोरोना वायरस का डर भी काम नहीं कर रहा है। इतना ही नहीं शुरुआती दौर में दिल्ली के शाहीन बाग में चल रहा प्रदर्शन अब तक जारी है।
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उधर यूपी के लखनऊ के घंटाघर में पिछले 60 दिनों से इसी तरह का माहौल देखने को मिल रहा है। दोनों ही जगहों के प्रदर्शन पर सरकार की पैनी नजर है लेकिन इस प्रदर्शन को खत्म कराने के लिए कोरोना वायरस का भी सहारा लिया जा रहा है।