जुबिली स्पेशल डेस्क
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के बीच हरियाणा से एक बड़ी खबर आ रही है। दरअसल यहां पर बीजेपी की सरकार संकट में नजर आ रही है।
हरियाणा में भाजपा सरकार को निर्दलीय विधायकों ने झटका दिया है। तीन निर्दलीय विधायकों ने भाजपा से समर्थन वापस ले लिया है। इतना ही नहीं कांग्रेस को समर्थन देने का एलान कर किया है।
ऐसे में हरियाणा में बीजेपी की सरकार संकट में नजर आ रही है। रोहतक में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा के साथ निर्दलीय विधायक दादरी से सोमबीर सांगवान, पूंडरी से रणधीर गोलन और नीलोखेड़ी से धर्मपाल गोंधर ने बीजेपी से अपना हाथ खींच लिया है और कांग्रेस के समर्थन देने की घोषणा की है।
उनके इस फैसले से मौजूदा सरकार में संकट पैदा हो गया है। बीजेपी की सरकार गिर भी सकती है क्योंकि आंकड़े उनके कम हो गए है। कहा जा रहा है कि हरियाणा में सैनी सरकार संकट में है।
जेजेपी के नेता दुष्यंत चौटाला ने इस पूरे मामले पर बड़ा बयान दिया है। खट्टर सरकार में उपमुख्यमंत्री रहे दुष्यंत चौटाला ने कहा, ‘बीजेपी की सरकार अगर अल्पमत में है तो उसे गिराने में हम बाहर से समर्थन करेंगे। अब ये कांग्रेस को सोचना है कि वो बीजेपी सरकार को गिराने के लिए कोई कदम उठाएगी या नहीं।
ऐसे में कांग्रेस चाहती है कि उनकी सरकार को बखास्त किया जाये और राष्ट्रपति शासन लागू कर फिर से चुनाव होने चाहिए। कांग्रेस की तरफ इस तरह का बयान जारी किया गया है।
रोहतक लोकसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार दीपेंद्र सिंह हुड्डा की माने तो मौजूदा सरकार अल्मत में है और उन्होंने पुरानी बातों का जिक्र करते हुए कहा कि जब ये गठबंधन टूटा था उसके बाद इन्होंने(बीजेपी) राज्यपाल के पास जाकर 48 विधायकों की लिस्ट दी थी.
48 में से 2 विधायक, रणजीत सिंह चौटाला और मनोहर लाल खट्टर लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं, उन्होंने इस्तीफा दे दिया है। बीजेपी का आंकड़ा केवल 42 का रह गया है। नायब सिंह की सरकार को सत्ता में रहने का नैतिक अधिकार नहीं है। उन्हें नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए और निष्पक्षता से राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू कर फिर से चुनाव होने चाहिए।’