रफ़त फ़ातिमा पॉज़िटिव सोच यानी मौजूदा हालात में लड़ने की ताक़त पैदा करना, आपसी सहयोग की भावना पैदा करना, जिस परिवार से कोई हमेशा के लिये चला गया उसके आंसू पूछना है। लेकिन साथ में व्यवस्था पर सवाल करना, इस क़िस्म के हालात पैदा कैसे हुए, इस पर बात करने …
Read More »जुबिली डिबेट
साहेबान! जनता कराह रही, संभालो नहीं तो पश्चाताप भी नहीं कर पाओगे
दिनेश पाठक सूरत एक-दिल्ली से मुंबई और पंजाब से लेकर यूपी तक । चहुँओर हाल खराब है। अस्पतालों में बिस्तर नहीं। बिस्तर है तो डॉक्टर नहीं। श्मशान पर अंतिम संस्कार के लिए जगह नहीं। आश्चर्यजनक रूप से जांचें कम हो रही हैं। अन्य रोगों के शिकार मरीज अस्पताल में भर्ती …
Read More »लखनऊ का इनसाइक्लोपीडिया थे योगेश प्रवीन
शबाहत हुसैन विजेता लखनऊ है तो महज़ गुम्बद-ओ-मीनार नहीं. सिर्फ एक शहर नहीं कूचा-ओ-बाज़ार नहीं. इसके दामन मोहब्बत के फूल खिलते हैं, इसकी गलियों में फरिश्तों के पते मिलते हैं. हिन्दुस्तानी साहित्य में महज़ यही वो चार लाइनें हैं जो शहर-ए-लखनऊ की पहचान करा देती हैं. लखनऊ की पहचान को …
Read More »एकदलीय शासन व्यवस्था किन लोगों को रास आ रही है
के. पी. सिंह पश्चिम बंगाल में विधान सभा चुनाव के चौथे चरण में कूच बिहार में जो हिंसा हुई उससे यह बात पूरी तरह उजागर होकर सामने आ गई है कि राज्य में चुनाव नहीं युद्ध हो रहा है। गत विधान सभा चुनाव में राज्य की 294 सीटों में से …
Read More »अवसर में बदलना होगा कोरोना का अनुशासन
डा. रवीन्द्र अरजरिया कोरोना ने पूरी तेजी के साथ पुन: दस्तक दे दी है। चारों ओर त्राहि-त्राहि मची हुई है। पीडितों का हाल बुरा है। सरकारें अपने ढंग से देश को चलाना चाहतीं हैं और डब्ल्यूएचओ अपने ढंग से। सरकारें सत्ता की ललक में निर्णय ले रहीं हैं और डब्ल्यूएचओ …
Read More »डंके की चोट पर : पहले लोग गिद्ध कहते थे तो शर्मिंदगी लगती थी
शबाहत हुसैन विजेता दुनिया कोरोना महामारी से जूझ रही है. साल 2020 में कोरोना आया था तब इसका नाम तक नया था. इसकी कभी दवा भी बन पायेगी यह ख्वाबों की बात थी. साल बीतते-बीतते लोगों को इस बीमारी से काफी हद तक सुकून मिल गया. कोरोना की वैक्सीन भी …
Read More »प्राकृतिक अजूबों को भी नष्ट कर सकता है जलवायु परिवर्तन
डॉ. सीमा जावेद यदि ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में वृद्धि जारी रहती है तो दुनिया के सबसे आश्चर्यजनक प्राकृतिक स्थानों के अद्वितीय जानवर और पौधे विलुप्त हो सकते हैं। जर्नल बायोलॉजिकल कंज़र्वेशन में प्रकाशित एक नए वैज्ञानिक अध्ययन में यह चेतावनी सामने आई है। हालाँकि पेरिस समझौते के जलवायु लक्ष्यों के भीतर …
Read More »क्या उत्तराखंड की बढ़ती गर्मी बनी जंगलों में लगी आग का सबब?
डॉ सीमा जावेद जंगलों में लगने वाली आग अब तक हमें अमेरिका और ब्राज़ील की याद दिलाती हैं। लेकिन अब, आग लगने की ख़बर हमारे अपने उत्तराखंड के जंगलों से फ़िलहाल आ रही है। अटपटा सिर्फ यही नहीं कि भारत के जंगलों में आग लगी है। जंगलों में आग लगना …
Read More »कोरोना काल में विदेशी सरकारों की अग्निपरीक्षा
कृष्णमोहन झा जानलेवा कोरोना वायरस के बारे में यह कहा जाता है कि 2019 के अंत में चीन की एक प्रयोगशाला से निकल कर उसने सारी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया था वह इतना लंबा अंतराल बीत जाने के बाद भी दुनिया के अनेकानेक देशों के लिए गंभीर …
Read More »भूमध्यरेखा पर ग्लोबल वार्मिंग का असर, समुद्री जीवन हुआ अस्त-व्यस्त
डॉ. सीमा जावेद एक नए अध्ययन से पहली बार यह पता चला है कि जलवायु परिवर्तन के चलते समुद्री जीवन अस्त व्यस्त हो चुका है। यहाँ तक की भूमध्यरेखा और ट्रॉपिक्स पर पानी में गर्मी इस कदर बढ़ चुकी है कि वहां से तमाम समुद्री जीवन की प्रजातियाँ दूर जा …
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