कृष्णमोहन झा राजस्थान में कुछ माह पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के वर्चस्व को चुनौती देकर सचिन पायलट ने न केवल अपना उपमुख्यमंत्री पद गंवा दिया था बल्कि प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष पद की बागडोर भी उनके हाथ से निकल गई थी । उसके बाद से वे जिस तरह शांत दिखाई …
Read More »जुबिली डिबेट
छह दिन किया हाईकमान का इंतजार फिर पायलट ने थाम लिया स्टेयरिंग
शबाहत हुसैन विजेता अपनी लगातार अनदेखी से नाराज़ सचिन पायलट पिछले छह दिन से दिल्ली में इस कोशिश में लगे थे कि राहुल और प्रियंका गांधी उनका दर्द सुन लें. राहुल-प्रियंका के पास सचिन से मुलाक़ात के लिए वक्त नहीं है. सचिन बगैर मुलाकात जयपुर रवाना हो गए हैं. कांग्रेस …
Read More »इतने अच्छे दिनों की उम्मीद न थी
सुरेंद्र दुबे पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का जादू ऐसा चलेगा इसकी तो कल्पना ही नहीं की जा सकती थी। पर अब जो हो रहा है उसकी चर्चा तो करनी ही पड़ेगी। नही करेंगे तो यह मलाल रहेगा कि एक अजूबी राजनीतिक घटना पर कोई चर्चा क्यों नहीं हुई।ग …
Read More »जमीन घोटाले के आरोपों से क्या विहिप की साख पर फर्क पड़ेगा ?
डॉ. उत्कर्ष सिन्हा जिस राम मंदिर को राजनीतिक मुद्दा बना कर भाजपा ने बीते 35 सालों में सफलता का शिखर पाया और जो राम मंदिर 2024 के लोकसभा चुनावों में पार्टी की उपलब्धि का एक बड़ा प्रतीक होने वाला है , उसी राम मंदिर की जमीन में हुए कथित घोटाले …
Read More »आकार लेने के पहले विपक्षी मोर्चें के नेतृत्व पर खींचतान
यशोदा श्रीवास्तव लोकसभा चुनाव में अभी वक्त है और तब तक राजनीतिक परिदृष्य क्या होता है, इस पर अभी से कयास लगाने का खास मतलब नहीं है, ऐसे में मोदी युग पर विराम लगाने पर दिमाग खपाने का कोई मतलब नहीं है। भारत के लोकतांत्रिक जनता का मूड जरा हटकर …
Read More »पश्चिम बंगाल में अब ‘घर वापसी’ का खेला होबे
कृष्णमोहन झा हाल में संपन्न पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस की प्रचंड विजय के बाद भाजपा अब जब सदन में प्रभावी विपक्ष की भूमिका निभाने के लिए तैयार हो रही है तब सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने उसे एक और गहरा झटका दे दिया है। चार साल पहले मुख्यमंत्री …
Read More »डंके की चोट पर : बिना परीक्षा पास करने का अहसान क्यों किया सरकार
शबाहत हुसैन विजेता शिक्षा के क्षेत्र में दो पड़ाव सबसे अहम हैं हाईस्कूल और इंटरमीडिएट. इससे पहले की कक्षाओं में कितने पर्सेन्ट नम्बर मिले उसके कोई मायने नहीं होते. हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा देने वालों की सही समीक्षा इसलिए हो पाती है क्योंकि न परीक्षा केन्द्र अपना होता है, …
Read More »क्या मोदी के सितारे गर्दिश में है?
सुरेंद्र दुबे एक खिलाड़ी हैं मोदी, जिनका मन हर समय किसी न किसी खेल में लगा रहता है और सरकार के साथ कोई न कोई खेल करते खेलते रहते है। लोग इन्हें प्रधानमंत्री कहते हैं पर हैं ये बड़े तमाशेबाज। भिन्न-भिन्न रूप धारण करके तमाशा दिखाते रहते हैं। मदारी तो …
Read More »गांधी के बारे में अमित शाह और अरुंधति राय के विचार कितने मिलते हैं न !
देवेन्द्र आर्य गांधी इस देश में सबसे मुलायम लक्ष्य हैं (सॉफ्ट टारगेट)। इतिहास की बात जाने दें तो अभी हाल में गांधी के तीन नए आलोचक उभरे हैं – एक पूर्वन्यायाधीश, एक भगवा साध्वी और एक लेखिका। काटजू साहब ने फिलहाल अपनी कोई वैचारिकी घोषित नहीं की है। परन्तु साध्वी …
Read More »कयासों का रंगमंच और यूपी का हाई वोल्टेज ड्रामा !
नवेद शिकोह जो दिखे वो ख़बर नहीं होती, जो छिपे वो ख़बर होती है। पत्रकारिता के इस सिद्धांत ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उस किताब को नजरअंदाज कर दिया जो किताब उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी.नड्डा और गृहमंत्री अमित शाह को भेंट की। किताब भेंट करने की जारी तस्वीर …
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