Thursday - 3 April 2025 - 8:15 PM

जुबिली डिबेट

आवश्यक हो गया है धार्मिक सौहार्द स्थापना आयोग का गठन

डा. रवीन्द्र अरजरिया उत्तर प्रदेश के देवबंद में जमीयत उलेमा-ए-हिन्द के मुखिया महमूद असद मदनी ने जलसे के आगाज में एक हजार सद्भावना संसद के आयोजन का ऐलान करके सकारात्मक संदेश दिया। उन्होंने जस्टिस एण्ड एम्पावरमेन्ट इनीशिएटिव फार इण्डियन मुस्लिम के रूप में एक विभाग बनाने की भी घोषणा की। …

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नेपाल : मुश्किल है निकाय चुनाव परिणाम से आम चुनाव का आकलन

करीब आठ माह बाद होने वाले आम चुनाव में जताई जाने लगी है फिर बेमेल गठबंधन सरकार की आशंका, लोकतंत्र की मजबूती और परिवर्तन की अनुभूति पर ग्रहण की छाया यशोदा श्रीवास्तव  नेपाल में संपन्न हुए निकाय चुनाव के परिणाम से यह कयास लगाना मुश्किल है कि सात आठ माह …

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जलवायु परिवर्तन ने 30 गुना बढ़ाया भारत और पाकिस्‍तान में समय से पहले हीटवेव का खतरा

डॉ. सीमा जावेद भारत और पाकिस्तान में पिछले लंबे समय से चल रही ताप लहर (हीटवेव) की वजह से इंसानी आबादी को बड़े पैमाने पर मुश्किलों का सामना करना पड़ा है और इसने वैश्विक स्तर पर गेहूं की आपूर्ति पर भी असर डाला है। दुनिया के प्रमुख जलवायु वैज्ञानिकों के …

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राष्ट्रप्रेम की डींगों का धरातली आइना

 डा. रवीन्द्र अरजरिया दुनिया के सामने मातृभूमि की छवि धूमिल करने की एक कोशिश गोरों की धरती पर फिर हो रही है। लंदन के कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में आइडियाज फार इंडिया सम्मेलन का आयोजन किया गया। यूं तो कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी गुलामी के दौर से ही भारत के विरुध्द वहां पढने वाले …

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जिसको सिर माथे लगाती है कांग्रेस वे क्यों छोड़ रहे साथ?

यशोदा श्रीवास्तव राजस्थान के उदयपुर में कांग्रेस के तीन दिवसीय चिंतन शिविर का कांग्रेस जनों पर क्या और कितना प्रभाव होगा इसके प्रकटीकरण में वक्त लगेगा लेकिन इसके पहले साइड इफेक्ट दिखने लगा। जब चिंतन शिविर मे युवाओं को जोड़ने और कांग्रेस के बुजुर्गो के अनुभवों का अनुसरण करने की …

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डंके की चोट पर : वक्त के गाल पर हमेशा के लिए रुका एक आंसू है ताजमहल

शबाहत हुसैन विजेता अमरीकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ताजमहल के सामने आकर खड़े हुए तो बस खड़े ही रह गए. एक दम विस्मित, आश्चर्यचकित. मुंह से शब्द निकलना मुश्किल हो गया. जब सामान्य हुए तो बोले कि इस दुनिया में दो तरह के लोग हैं. एक वह जिन्होंने ताजमहल देखा है …

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लुंबिनी से पीएम मोदी ने साधे कई लक्ष्य

यशोदा श्रीवास्तव 16 मई बुद्ध पूर्णिमा के दिन भारत के प्रधानमंत्री मोदी का नेपाल में भगवान बुद्ध की जन्मस्थली लुंबिनी आगमन कई मायने में अहम रहा. लुंबिनी यानी बुद्ध के जन्मस्थली तक जाने के लिए बुद्ध के परिनिर्वाण स्थली कुशीनगर होकर जाना भी बस “यूं ही” नहीं था. बुद्ध का …

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शतरंजी चालों से राजनैतिक दलों ने बिगाड़ा है देश का माहौल

 डा. रवीन्द्र अरजरिया देश में दलगत राजनीति ने हमेशा से ही फूट डालो, राज करो की नीति अपनाई। दूरगामी योजनायें बनाकर शतरंज की चालें चलीं। जातिगत, आस्थागत और व्यवहारगत विभेदों को हमेशा ही हवा देकर टकराव की स्थितियां पैदा की। भारतीय जनता पार्टी के नेता लालकृष्ण आडवानी ने सितम्बर सन …

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राष्ट्र भक्त युवा या डिग्री धारक युवा : क्या राष्ट्रीय गौरव न्यूनतम 36% ही होना चाहिए?

प्रो. अशोक कुमार  बात गोरखपुर की है। मैं एक बार एक सांस्कृतिक संध्या में गया हुआ था। सांस्कृतिक संध्या में मेरे साथ में एक माननीय सांसद जी बैठे हुए थे। हम सभी लोग मुख्य अतिथि का इंतजार कर रहे थे, उनकी प्रतीक्षा कर रहे थे। लेकिन इसी बीच वर्षा आ …

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डंके की चोट पर : सौगंध मुझे इस मिट्टी की मैं देश नहीं बिकने दूंगा

शबाहत हुसैन विजेता मेरे पसंदीदा शायर बशीर बद्र ने लिखा था, “उम्र बीत जाती है एक घर बनाने में, तुम तरस नहीं खाते बस्तियां जलाने में” यह शेर हालांकि उनका खुद का दर्द था. यह शेर मेरठ में हुए दंगे से निकला था. मगर हकीकत की ज़िन्दगी में खुद को …

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