नवेद शिकोह @naved.shikoh सियासत, हुकुमत, पक्ष, विपक्ष, नेता, राजनेता, सांसद, विधायकों के फैसले, इनका स्वार्थ और व्यवहार कमोबेश एक जैसा होता है। सियासी जोड़-तोड़, धोखा,साज़िश सियासत के कॉमन चेहरे हैं। बस किरदार बदलते रहे हैं। कभी कम कभी ज्यादा। मान लीजिए महाराष्ट्र के हालिया घटनाक्रम में एनसीपी के विधायक सत्ता …
Read More »जुबिली डिबेट
एनडीए-पीडीए जंग, किसमें कितना दम !
नवेद शिकोह लोकसभा चुनाव की बिसात बिछ रही है। भाजपा की अगुवाई वाले एनडीए के सामने विपक्षी गठबंधन का नाम यूपीए नहीं होगा। प्रस्तावों के अनुसार संभावित क़रीब पंद्रह दलों के महागठबंधन का नाम पीडीए हो सकता है। भाजपा चुनावी तैयारी में माहिर कही जाती है, लेकिन इस बार राष्ट्रीय …
Read More »उच्च शिक्षा में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन के लिए महत्वपूर्ण चुनौतियां
अशोक कुमार राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) एक ऐतिहासिक दस्तावेज है जिसका उद्देश्य भारतीय शिक्षा प्रणाली के सभी स्तरों को बदलना है। नीति में उच्च शिक्षा के लिए कई महत्वाकांक्षी लक्ष्य हैं, जिनमें पहुंच बढ़ाना, गुणवत्ता में सुधार करना , अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देना शामिल है। हालांकि, …
Read More »आज के मुंशतिर से बेहतर थे कल के रज़ा
नवेद शिकोह @naved.shikoh आज नफरत फ़ैलाने, दूरियां पैदा करने और भावनाएं भड़काने का सुपारी किलर बन गया है छोटा और बड़ा पर्दा। आए दिन टीवी डिबेट में धार्मिक तकरार के बीच जूतन-लात की तस्वीरें देखने को मिल ही जाती हैं। कोई दो-चार महीने भी खाली नहीं जाते जब किसी नई …
Read More »हमारी शिक्षा व्यवस्था-एक रोचक एवं गंभीर संस्मरण
प्रोफ़ेसर अशोक कुमार राजस्थान विश्वविद्यालय जयपुर के शिक्षा के कई प्रांगण है। राजस्थान विश्वविद्यालय के मुख्य प्रांगण में स्नातकोत्तर एवं शोध कार्य होता है। विश्वविद्यालय के स्नातक की कक्षाएं लड़कियों के लिए महारानी कॉलेज में , विज्ञान के विद्यार्थियों के लिए महाराजा कॉलेज में, वाणिज्य के विद्यार्थियों के लिए कॉमर्स …
Read More »एक भारत ये भी…जहां जिंदगी रुक जाती है…
डॉ. शिशिर चंद्र जिंदगी रुक जाती है जहां पानी पर, जहां आज तक भारतीय रेल नहीं पहुंची, जहां न सड़क है न ही अन्य मूलभूत सुविधाएँ और जहां किसानों के आत्महत्त्या की ख़बर आये दिन हम सुनते रहे हैं। जी, ये है महाराष्ट्र का मराठवाड़ा का वो पहाड़ी क्षेत्र जहां …
Read More »धार्मिक मुद्दो,भटकाव और तीसरे के लिए अब स्थान नहीं
डॉ.सीपी राय कर्नाटक के चुनाव परिणाम की तस्वीर साफ हो चुकी है । यद्धपि मैने तो 2 मई को ही लिख दिया था की कांग्रेस कम से कम 122 से 132 तक सीट जीतेगी और JDS 25 के आसपास होगी बाकी बांट लीजिए। ये चुनाव लोकसभा चुनाव से पहले दक्षिण …
Read More »कागज की ये महक, ये नशा रूठने को है यह आखिरी सदी है, किताबों से इश्क की..
ओम प्रकाश सिंह अयोध्या। एक समय था कि बच्चों को सुलाने के लिए मांएं लोरियां सुनाती थीं। किताबें वयस्कों के सिरहाने होती थीं। चंपक, चाचा चौधरी, नंदन जैसी पुस्तकों को पढ़ने का मोह बुजुर्ग भी नहीं छोड़ पाते थे। बदलते दौर में पुस्तकें भले ही डिजिटल, आडियो हो गईं हों …
Read More »नवाब मीर जाफर की मौत ने तोड़ा लखनऊ का आईना
नवेद शिकोह @naved.shikoh किसी शेर का एक मिसरा है- हमने जन्नत तो नहीं देखी है, मां देखी है। ऐसे ही जब हम लखनऊ के नवाबों और नवाबीन के दौर के तसव्वुर को हक़ीक़त में देखना चाहते थे तो हम जनाब नवाब मीर जाफर अब्दुल्ला को देख लेते थे। उनसे बात …
Read More »माता प्रसाद ने क्यों कहा-क्षेत्रीय राजनीतिक दलों का कोई कैडर नहीं होता है ?
भाजपा ना तो पसमांदा मुसलमानों के प्रति सहानुभूति रखती है और ना ही पिछड़ो के प्रति – माता प्रसाद त्रिपाठी, पूर्व विधानसभाध्यक्ष उत्तर प्रदेश ओम प्रकाश सिंह बयासी साल की उम्र में भी समाजसेवा का जज्बा किसी नौजवान को शर्मिंदा कर सकता है। दो बार उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष रहे …
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