जुबिली न्यूज डेस्क
लखनऊ। सी.बी. गुप्ता बी.एस.एस. महाविद्यालय, चन्द्रावल में 2 अप्रैल 2025 को टी.बी. जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान का उद्देश्य क्षय रोग (टी.बी.) को लेकर समाज में फैली गलत धारणाओं को तोड़ना और लोगों को इसके लक्षण, कारण और बचाव के तरीकों के बारे में जागरूक करना था।

इस मौके पर डॉ. टी.पी. सिंह (पूर्व निदेशक, बलरामपुर अस्पताल) ने बताया कि टी.बी. कोई अभिशाप नहीं, बल्कि एक बैक्टीरिया जनित रोग है, जिसका सही समय पर इलाज कराने से पूरी तरह ठीक हुआ जा सकता है। कार्यक्रम में चिकित्सा विशेषज्ञों, शिक्षकों, छात्रों और स्थानीय गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया और टी.बी. से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा कीं।
यह कार्यक्रम यू.पी.टी.बी. एसोसिएशन के सहयोग से संपन्न हुआ, जिसमें मुख्य वक्ता डॉ. टी.पी. सिंह (विशेषज्ञ, पल्मोनरी मेडिसिन एवं पूर्व निदेशक, बलरामपुर अस्पताल) ने क्षय रोग (टी.बी.) से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
डॉ. सिंह ने बताया कि क्षय रोग (टी.बी.) कोई सामाजिक अभिशाप नहीं, बल्कि बैक्टीरिया जनित रोग है, जो समय पर इलाज कराने से पूरी तरह ठीक हो सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि टी.बी. कैसे फैलता है, इसके लक्षण क्या होते हैं, क्या सावधानियां बरतनी चाहिए और मरीजों को कब चिकित्सक से मिलकर जांच करानी चाहिए।
टी.बी. जागरूकता अभियान
महाविद्यालय के प्रबंधक एवं लखनऊ विश्वविद्यालय आयुर्वेद संकाय के पूर्व हेड एवं डीन डॉ. जे.एन. मिश्रा ने टी.बी. से जुड़ी ऐतिहासिक धारणाओं पर चर्चा करते हुए कहा कि यह रोग एक समय में सामाजिक कलंक माना जाता था, लेकिन आज आधुनिक चिकित्सा के माध्यम से इसका पूर्ण इलाज संभव है।
महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. सुधा बाजपेई ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि समाज में टी.बी. को लेकर जागरूकता फैलाना बहुत जरूरी है ताकि मरीज जल्द से जल्द उचित इलाज प्राप्त कर सकें।
ग्राम प्रधानों और स्थानीय लोगों की भागीदारी
इस अवसर पर आयुर्वेद चिकित्सालय, चन्द्रावल की हेड डॉ. बबिता केन, पूर्व ग्राम प्रधान राजेंद्र यादव (चन्द्रावल), राजेंद्र प्रसाद यादव (भदरसा), रघुवीर सिंह यादव (कमलापुर) सहित कई प्रतिष्ठित स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
शिक्षकों और विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी
इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षकगण – डॉ. जी.के. चतुर्वेदी, डॉ. वंदना सिंह, डॉ. पिंकी राय, श्रीमती शुक्ला रानी, सुश्री साहिबा खातून और सुश्री ध्रुवी सिंह चौहान के साथ-साथ विद्यार्थी और कर्मचारीगण भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
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कार्यक्रम का उद्देश्य टी.बी. से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करना और लोगों को सही जानकारी देकर इस बीमारी के उन्मूलन में योगदान देना था। जागरूकता अभियान के दौरान टी.बी. की रोकथाम, लक्षण, उपचार और सरकारी योजनाओं की भी जानकारी दी गई, जिससे लोगों को इस रोग के प्रति और अधिक सचेत किया जा सके।