जुबिली न्यूज डेस्क
पंजाब के किसान संगठनों ने 5 मार्च को चंडीगढ़ कूच करने का ऐलान किया था, लेकिन उससे पहले ही कई किसान नेताओं को हिरासत में लेने की खबरें आई हैं।
खबरों के मुताबिक भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) उगरहां के नेता जोगिंदर सिंह उगरहां के घर पर भी पुलिस ने छापा मारा, हालांकि वह वहां नहीं मिले। पुलिस ने अखिल भारतीय किसान सभा, बीकेयू डकौंदा और कीर्ति किसान यूनियन के कई नेताओं को हिरासत में ले लिया है।
इससे पहले, 3 मार्च को किसान नेताओं और मुख्यमंत्री भगवंत मान के बीच एक बैठक हुई, जो बेनतीजा रही। बैठक में किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने उनकी अधिकांश मांगें सुने बिना ही बैठक छोड़ दी।
बैठक के बाद जोगिंदर सिंह उगरहां ने ऐलान किया कि 5 मार्च को किसान चंडीगढ़ कूच करेंगे। हालांकि, मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक बयान जारी कर कहा कि वे किसान समर्थक हैं, लेकिन उनकी अधिकांश मांगें केंद्र सरकार से संबंधित हैं और उन्हें वही पूरी कर सकती है।
जानकारी के अनुसार, पंजाब के विभिन्न हिस्सों से कई नेताओं को हिरासत में लिया गया है, जिनमें राज्य स्तर से लेकर ब्लॉक स्तर तक के नेता शामिल हैं। कई नेताओं के घरों पर पुलिस ने रात या तड़के छापे मारे हैं।
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किसान नेता रमिंदर पाटिला ने बताया, “मुख्यमंत्री बेहद गुस्से में थे। हम 18 मांगों के साथ गए थे, और जैसे ही हमने आठवीं मांग पढ़ी, मुख्यमंत्री बैठक छोड़कर चले गए और 5 मार्च को चंडीगढ़ कूच न करने की अपील की।” उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री का यह बर्ताव निंदनीय है। एक मुख्यमंत्री को इस तरह का व्यवहार नहीं करना चाहिए। हम 5 मार्च को आएंगे और मुख्यमंत्री को बैठने के लिए दबाव बनाएंगे।”