प्रदीप कपूर कल प्रिय मित्र विजय आचार्य से बात हो रही तो अचानक लाल बिहारी टंडन ग्रुप के विनोद टंडन जी और उनके घर होनेवाली शेरों शायरी की नशिस्तों का जिक्र होने लगा। हुआ यह की बहुत साल पहले एनबीआरआई में टहलते हुए डा. नसीम जमाल से लगातार शायरी …
Read More »Utkarsh Sinha
दिलीप कुमार कौन सी छवि हमारे मन में बसती है?
दिनेश श्रीनेत दिलीप कुमार कौन सी छवि हमारे मन में बसती है? दुनिया से हारे, प्रेम में शिकस्त खाए, समाज से ठुकराए हुए इंसान की? या एक विद्रोही नौजवान जो समाज के सबसे निचले तबके और दबे-कुचले लोगों की आवाज बन जाता है। दिलीप कुमार ने जब बांबे टॉकीज़ के …
Read More »टोक्यो ओलंपिक ने भारतीय हॉकी टीम के लिए फिर जगाई उम्मीद
जफर इकबाल टोक्यो में ओलंपिक खेल होने जा रहे हैं और जैसे-जैसे तारीख नजदीक आ रही है, उत्साह बढ़ता जा रहा है। हर गुजरते दिन के साथ अनिश्चितता दूर हो रही है। मेरे खेलने के दिनों से भी बहुत पहले से ओलंपिक खेल कई लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत …
Read More »थरथराती आवाज का वो सुरीला जादूगर
प्रेमेन्द्र श्रीवास्तव लखनऊ की मुकद्दस सरजमीं ने बॉलीवुड को अनेक मशहूर व मारूफ फनकार दिये हैं। उनकी कला के जलवे मौसिकी, अदाकारी, फिल्म निर्देशन , नगमानिगारी, कहानी लेखन व स्क्रिप्ट राइटरिंग में सर्वविदित हैं। लखनऊ पैदा हुए फनकारों की पहली कड़ी में प्रस्तुत हैं गजल सम्राट तलत महमूद साहब। तलत …
Read More »संकल्प लें आपदा से उभरकर देश को मजबूत बनाने का
सुधीर कुमार कोरोना काल के कई कहावतों के मायने ही बदल दिए। साकात्मक सोच वाली कहावत आपदा को अवसर में बदलने को लोगों ने अपनी स्वार्थी व सीमित सोच के चलते कलंकित कर दिया। लोगों ने आपदा में घिरे लोगों की मजबूरी का बहुत बेशर्मी से फायदा उठा और अपनी …
Read More »दिमाग पर पॉजिटिव प्रभाव डालता है वेदों का पाठ
डॉ. सीमा जावेद / निशांत सक्सेना हजारों साल पहले मौखिक रूप से रचित, संकलित और संहिताबद्ध, दुनिया के सबसे पहले ग्रन्थ वेदों को सिर्फ यूं ही नहीं अद्भुत माना जाता है। यह दरअसल यह मौखिक परंपरा और उसकी शानदार निष्ठा और सुसंगति है। जिसके ज्ञान को संरक्षित करने के लिए हमारे ऋषी मुनियों ने मनुष्य के चित्त …
Read More »सत्ता से ले कर जनता तक के मुंह लगा गुप्ता जी के ठंडे दही बड़े का ज़ायका
प्रेमेन्द्र श्रीवास्तव लखनऊ के पुराने बाशिंदों को याद होगा 1976 में क्राइस्ट चर्च कालेज के सामने जीपीओ के निकट फुटपाथ एक दही बड़े का ठेला लगता था। यहां काफी भीड़ देखकर अक्सर लोगों के पांव ठिठक जाते। कार, स्कूटर साइकिल वालों से लगभग रास्ता जाम सा हो जाता था। यहां …
Read More »सिर्फ धारणा नहीं जमीनी हकीकत तय करती है विजेता
अम्बिका नंद सहाय उत्तर प्रदेश में विधान सभा चुनाव हालांकि अभी नौ महीने दूर है लेकिन राजनीतिक चौसर पर सभी दल गोटियां बिछाने लगे हैं। राजनीतिक मैदान में धारणा और हकीकत के बीच रोचक जंग छिड़ी है। राजनीतिक पंडित भी इस रोचक जंग अपने-अपने तर्कों के साथ सक्रिय हैं। बेशक, …
Read More »पंचायती राज की इस दुर्दशा का जिम्मेदार कौन ?
डा. सी. पी. राय दृश्य 1-एक वीडियो मे एक साथी नेता जो संभवतः सांसद रह चुके है पैरो पर गिरकर वोट मांग रहे है । दृश्य 2– कुछ वर्षो पूर्व हम लोगो के 70 के दशक के समाजवादी साथी जो कई बार सांसद रहे और एक बार मंत्री भी रहे …
Read More »पेशेवर प्रबंधन और आपसी सहयोग से भारत की ओलंपिक्स तैयारी ट्रैक पर
आदिल सुमरिवाला व्यक्तिगत दौड़ जीतने में बहुत खुशी होती है,लेकिन सामूहिक प्रयास से मिलने वाली सफलता में और अधिक खुशी होती है। टोक्यो ओलंपिक 2020 की तैयारी के वर्तमान दौर के लिए मैं बिना संकोच के कह सकता हूं कि यह बात भारत के सर्वश्रेष्ठ एथलीटों के लिए खुद को …
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