न्यूज डेस्क
लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल अब विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुट गए हैं। चुनावी मोड में आते ही केजरीवाल ने दिल्ली के महिला वोटरों को लुभाने के लिए एक एलान किया है।
दिल्ली सरकार महिलाओं को मेट्रो और डीटीसी और कलस्टर बसों में फ्री यात्रा कराने का तोहफा दिया है। केजरीवाल सरकार के इस एलान के बाद हर दिन करीब 10 लाख महिलाएं दिल्ली मेट्रो में मुफ्त में यात्रा कर सकेंगी।
सीएम अरविंद के केजरवाल ने इस बात का एलान करते हुए कहा कि दिल्ली सरकार दिल्ली मेट्रो और डीटीसी बसों में महिलाओं को किराए से छुटकारा दिलाने के लिए नि:शुल्क यात्रा देगी, जिससे उन्हें सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित किया जा सके। महिलाओं को फ्री यात्रा देने में डीएमआरसी को होने वाले नुकसान की भरपाई दिल्ली सरकार करेगी। अरविंद केजरीवाल ने बताया कि अगले दो से तीन महीने में महिलाओं के लिए फ्री सेवा चालू हो जाएगी।
वहीं, दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी ने सीएम केजरीवाल को चुनावी स्टंट बताया है। गौरतलब है कि दिल्ली में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। माना जा रहा है इसी को देखते हुए आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार ने ये ऐलान किया है।
बता दें कि बसों और मेट्रो में कुल यात्रियों में 33 फीसदी महिलाएं होती हैं। इसके मुताबिक मेट्रो में महिलाओं की मुफ्त यात्रा पर करीब एक हजार करोड़ प्रतिवर्ष का खर्च आएगा जबकि करीब 200 करोड़ रुपये का खर्च बसों को लेकर सरकार पर आएगा।
माना जा रहा है कि महिलाओं के लिए दिल्ली मेट्रो और डीटीसी की बसों में इस योजना को लागू करने में सरकार पर प्रतिवर्ष करीब 1200 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा।
दिल्ली सरकार ने इस योजना को लागू करने के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) के अधिकारियों के साथ बैठक की और उनसे पूछा है कि इस योजना को कैसे लागू किया जा सकता है। इसके लिए मुफ्त पास की व्यवस्था होगी या कोई अन्य विकल्प होगा।
केजरीवाल ने इस दौरन कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए दो बड़े फैसले लिए गए हैं। एक तो सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए ढाई साल से कोशिश कर रहे थे। डेढ़ लाख सीसीटीवी लगने का टेंडर दिया था, 70 हजार सीसीटीवी का सर्वे हो चुका है। केजरीवाल ने कहा कि 8 जून से कैमरे लगेंगे और दिसंबर तक लगने की उम्मीद है।
बताते चले कि हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने नौ राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्रों में 40 से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन उसे महज एक सीट पर ही जीत मिली है। इस चुनाव में झटका लगने के बाद पार्टी ने अगले साल होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनाव की तैयारी जोर शोर से शुरू कर दी है।