वक्फ संशोधन विधेयक 2025: लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पर बहस के दौरान माहौल गर्मा गया, जब अखिलेश यादव ने बीजेपी अध्यक्ष पद पर तंज कसा। लेकिन अमित शाह ने ऐसा जवाब दिया कि सदन ठहाकों से गूंज उठा।”
अखिलेश यादव और अमित शाह बहस
अखिलेश यादव ने अपने भाषण की शुरुआत वक्फ संशोधन विधेयक पर सवाल उठाते हुए की। उन्होंने कहा, “ये बिल मुझे न हिंदी में समझ आया, न इंग्लिश में समझ आया। ये बिल लाया जा रहा है, बीजेपी में मुकाबला चल रहा है कि खराब हिंदू कौन बड़ा है।” इसके बाद उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर तंज कसते हुए कहा, “जो पार्टी ये कहती है कि वो दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी है, वो अभी तक अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं चुन पाई। बीजेपी क्या है?” अखिलेश का यह बयान बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन में देरी को लेकर था, और इसे उन्होंने हँसते हुए कहा, जिससे सदन में हल्का माहौल बना।
उन्होंने आगे सरकार की नाकामियों का जिक्र करते हुए कहा, “जब भी बीजेपी कोई नया बिल लाती है, अपनी नाकामी छिपाती है। महाकुंभ में 30 श्रद्धालु मारे गए, 1000 लापता हैं, इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? नोटबंदी की नाकामी, महंगाई, बेरोजगारी पर भी चर्चा होनी चाहिए।” अखिलेश ने विधेयक को बीजेपी की विफलताओं पर पर्दा डालने का प्रयास बताया और इसे सोची-समझी राजनीति का हिस्सा करार दिया।
अखिलेश बनाम अमित शाह
अखिलेश के इस तंज पर गृह मंत्री अमित शाह तुरंत खड़े हुए और हँसते हुए जवाब दिया, जिससे सदन में ठहाके गूँज उठे। शाह ने कहा, “अखिलेश जी ने हँसते-हँसते ये बात कही है, तो मैं भी हँसते-हँसते जवाब दूँगा। मेरे सामने जितनी भी पार्टियाँ हैं, उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव कुछ परिवार के लोग ही करेंगे। हमें 12-13 करोड़ सदस्यों में से प्रक्रिया के बाद चुनना है, इसलिए इसमें समय लगता है। आपके मामले में तो ज्यादा समय नहीं लगेगा। मैं तो कह रहा हूँ कि आप 25 साल तक अध्यक्ष बने रहेंगे, जाओ!”
अमित शाह का मुहतोड़ जवाब
शाह का यह जवाब अखिलेश के बीजेपी अध्यक्ष चयन पर सवाल का पलटवार था। उन्होंने सपा पर परिवारवाद का आरोप लगाते हुए तंज कसा कि अखिलेश का अध्यक्ष बनना परिवार की सहमति से तय है, जबकि बीजेपी में लोकतांत्रिक प्रक्रिया अपनाई जाती है। शाह के इस हाजिरजवाबी और हल्के-फुल्के अंदाज ने सदन का माहौल खुशनुमा बना दिया, और अखिलेश भी मुस्कुराते हुए हाथ जोड़कर जवाब देते नजर आए।
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संसद में तीखी बहस”
यह नोकझोंक वक्फ संशोधन विधेयक पर गंभीर बहस के बीच हुई, जहां विपक्ष विधेयक का पुरजोर विरोध कर रहा था। अखिलेश ने इसे संविधान के खिलाफ और मुस्लिम अधिकारों पर हमला बताया, जबकि शाह ने इसे पारदर्शिता और सुधार के लिए जरूरी कदम करार दिया। इस हल्के पल के बावजूद, विधेयक पर चर्चा तीखी रही, और विपक्ष ने वॉकआउट भी किया।संक्षेप में, अखिलेश के बीजेपी अध्यक्ष चयन पर तंज ने शाह को मौका दिया, और उन्होंने परिवारवाद पर चुटकी लेते हुए मुहतोड़ जवाब दिया, जिसे सदन ने हँसी-मजाक के साथ लिया।