जुबिली न्यूज डेस्क
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ़ की घोषणा के बाद विश्व भर में विभिन्न प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं। ट्रंप ने 2 अप्रैल 2025 से शुरू होने वाली अपनी नई टैरिफ़ नीति की घोषणा की, जिसे उन्होंने “मुक्ति दिवस” करार दिया।

इस नीति के तहत कई देशों पर पारस्परिक (रेसिप्रोकल) टैरिफ़ लगाए गए हैं, जिसमें चीन पर 34%, यूरोपीय संघ पर 20%, जापान पर 24%, भारत पर 26%, और कनाडा व मैक्सिको पर 25% टैरिफ़ शामिल हैं। इस कदम का उद्देश्य अमेरिकी व्यापार घाटे को कम करना और देशहित को प्राथमिकता देना बताया गया है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं…
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं…
“ट्रंप की नई टैरिफ नीति: कौन-कौन से देश प्रभावित?”
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कनाडा: कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि वे ट्रंप के टैरिफ़ के खिलाफ जवाबी कदम उठाने पर विचार कर रहे हैं। कैबिनेट बैठक में इस पर चर्चा की जाएगी कि अमेरिका को कैसे जवाब दिया जाए।
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ब्रिटेन: ब्रिटेन पर 10% टैरिफ़ लगाए जाने के बाद वहाँ की सरकार ने संयमित प्रतिक्रिया दी, यह कहते हुए कि वे स्थिति पर नज़र रख रहे हैं।
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ब्राज़ील: ब्राज़ील पर भी 10% टैरिफ़ लागू किया गया है, और वहाँ की सरकार ने कहा कि वे इस फैसले का मूल्यांकन कर उचित जवाबी कदमों पर विचार कर रही है।
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मैक्सिको: मैक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शिनबाम ने पहले ही ट्रंप के “गल्फ ऑफ मैक्सिको” को “गल्फ ऑफ अमेरिका” नाम देने के प्रस्ताव पर कटाक्ष किया था, और अब टैरिफ़ के जवाब में भी सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए हैं।
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भारत: भारत पर 26% टैरिफ़ लगाए जाने के बाद अभी तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने इसे अमेरिका की आक्रामक नीति करार दिया है।
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डोनाल्ड ट्रंप द्वारा घोषित टैरिफ़ नीति के जवाब में चीन ने सख्त रुख अपनाया है। अमेरिका में चीनी दूतावास ने कहा, “अगर अमेरिका युद्ध चाहता है, चाहे वह टैरिफ़ युद्ध हो, व्यापार युद्ध हो या किसी अन्य प्रकार का युद्ध, तो हम अंत तक लड़ने के लिए तैयार हैं।”
अमेरिका के भीतर विरोध और समर्थन
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ट्रंप ने इसे अमेरिका की आर्थिक आज़ादी और समृद्धि की दिशा में बड़ा कदम बताया है। उन्होंने कहा, “दूसरे देश हमारे साथ जैसा व्यवहार करते हैं, हम भी वैसा ही करेंगे।”
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हालांकि, अमेरिकी सीनेट ने कनाडा जैसे कुछ मामलों में ट्रंप की नीतियों पर अंकुश लगाने की कोशिश की है, जिससे वहाँ विरोध के स्वर भी उठे हैं।
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“व्यापार जगत पर असर”
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वैश्विक व्यापार जगत में खलबली मच गई है, क्योंकि इन टैरिफ़ों से आपूर्ति श्रृंखला और कीमतों पर असर पड़ सकता है।
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कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि इससे अमेरिका को भी नुकसान हो सकता है, क्योंकि टैरिफ़ युद्ध से महँगाई बढ़ सकती है। वहीं, ट्रंप समर्थक इसे देशहित में उठाया गया कदम मानते हैं।
कुल मिलाकर, ट्रंप के इस फैसले ने एक नए व्यापारिक तनाव को जन्म दिया है, और आने वाले दिनों में देशों के जवाबी कदम इसकी दिशा तय करेंगे।
आप इस टैरिफ नीति पर क्या सोचते हैं? कमेंट में अपनी राय बताएं!