जुबिली न्यूज डेस्क
भारत, जो आध्यात्मिकता, योग और ज्ञान के लिए प्रसिद्ध है, में अब पूजा-पाठ और सामाजिक कार्यों में भाग लेने के आंकड़े कुछ हैरान करने वाले सामने आए हैं। राष्ट्रीय सांख्यिकी संगठन (NSO) ने टाइम यूज सर्वे (TUS) 2024 जारी किया है, जिसमें बताया गया है कि भारतीय लोग अब सामाजिक मेलजोल, सामुदायिक भागीदारी और पूजा-पाठ जैसी गतिविधियों में पहले से कम समय बिता रहे हैं।
सर्वे के अनुसार, पुरुषों और महिलाओं ने इन गतिविधियों में एक मिनट से लेकर 159 मिनट तक समय बिताया है। यह सर्वे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोगों पर आधारित है और इसकी तुलना 2019 के आंकड़ों से की गई है।
कहां जा रहा है समय?
आजकल भारतीय लोग पूजा-पाठ और लोगों से मिलने की बजाय अधिकतर समय मनोरंजन और मास मीडिया पर खर्च कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में एक दिन में मनोरंजन और जन मीडिया पर बिताया गया समय 135 मिनट से बढ़कर 151 मिनट हो गया है। वहीं, सामुदायिक मेलजोल और पूजा-पाठ में बिताया गया समय 2019 के 172 मिनट से घटकर 2024 में 119 मिनट हो गया है। इस सर्वे में विभिन्न गतिविधियों को शामिल किया गया है, जैसे बातचीत, सामाजिक समारोहों में भाग लेना, नागरिक जिम्मेदारियों का पालन करना आदि।
मनोरंजन और जन माध्यम में समय बिताना:
सर्वे में यह भी देखा गया कि लोग अब टेलीविजन, वीडियो देखना, रेडियो सुनना, खेल और योग करना, सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेना जैसे कार्यों में अधिक समय बिता रहे हैं। यह सभी गतिविधियाँ अब मनोरंजन और जन माध्यम की श्रेणी में आती हैं।
पुरुषों में असामाजिक व्यवहार बढ़ रहा है:
पुरुषों और महिलाओं के समय बिताने के पैटर्न का विश्लेषण करते हुए यह पाया गया कि पुरुषों ने अपने दैनिक जीवन में सामुदायिक भागीदारी और सामाजिक मेलजोल में 10 मिनट की कमी की है, जो अब 124 मिनट रह गया है। वहीं महिलाओं ने केवल 1 मिनट की कटौती की है और उनका सामाजिक समय अब 126 मिनट है।
ये भी पढ़ें-IIFA 2025: इस फिल्म ने अपने नाम किए 9 अवार्ड देखें लिस्ट
मनोरंजन और जन मीडिया में पुरुषों ने अपने समय में 23 मिनट की वृद्धि की, जबकि महिलाओं ने केवल 7 मिनट का इजाफा किया है।सर्वे से यह स्पष्ट होता है कि पुरुष, महिलाओं की तुलना में अधिक असामाजिक हो रहे हैं और समुदाय के साथ अपने संबंधों में कम भाग ले रहे हैं।