जुबिली स्पेशल डेस्क
देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस इस समय अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रही है। राज्यों में उसे लगातार हार का सामना करना पड़ा।
हालांकि, लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने 99 सीटें जीती थीं, जिससे लगा कि पार्टी दोबारा मजबूत हो रही है। लेकिन हाल ही में हुए कई राज्यों के चुनावों में कांग्रेस को करारी हार मिली, जिससे पार्टी के लिए चुनौतियां बढ़ गई हैं।
प्रियंका गांधी को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी
कांग्रेस अब बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है और चुनाव प्रबंधन तंत्र (इलेक्शन मैनेजमेंट सिस्टम) बनाने की रणनीति पर काम कर रही है। प्रियंका गांधी को इस रणनीति की कमान सौंपी जा सकती है।
इस समय कांग्रेस का चुनाव प्रबंधन तंत्र सुनील कनुगोलु के नेतृत्व में काम कर रहा है, जिन्हें कर्नाटक में कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त है। हालांकि, उनके नेतृत्व में पार्टी का प्रदर्शन उम्मीद से काफी खराब रहा है, जिससे अब प्रियंका गांधी को चुनाव प्रबंधन की अहम जिम्मेदारी देने पर विचार किया जा रहा है।
अगर उन्हें यह जिम्मेदारी मिलती है, तो वह आगामी विधानसभा चुनावों और 2029 के लोकसभा चुनावों की रणनीति तैयार करेंगी। अब देखना होगा कि क्या कांग्रेस इस बदलाव के जरिए अपनी स्थिति सुधार पाएगी, या पार्टी के लिए चुनौतियां बनी रहेंगी।
कांग्रेस से मिली जानकारी के अनुसार अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ‘निष्क्रिय’ सदस्यों को हटाने का निर्णय ले चुके है। इनमें एके एंटनी, अंबिका सोनी, मुकुल वासनिक और आनंद शर्मा शामिल हैं।
लगातार मिल रही हार से कांग्रेस का संगठन काफी कमजोर हो गया है और इसे दोबारा मजबूत करने की जरूरत है। ऐसे में जमीनी स्तर पर कांग्रेस संगठन के साथ-साथ कई राज्यों में पार्टी अध्यक्ष को लेकर कोई फैसला किया जा सकता है। अब जब प्रियंका गांधी अहम जिम्मेदारी निभाती है तो कांग्रेस में एक नया जोश पैदा हो सकता है।