प्रमुख संवाददाता
लखनऊ. उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में बैरिया तहसील के तहसीलदार पंडित शिव सागर दुबे ने खुद पर भ्रष्टाचार का आरोप लगने के बाद जिलाधिकारी बलिया को जो पत्र लिखा है वह प्रशासनिक अमले में चर्चा का विषय बना हुआ है. जानकारों का कहना है कि इस मामले में आरोप लगाने वाले विधायक की छीछालेदर होना तय है.
बैरिया के तहसीलदार शिवसागर दुबे ने जिलाधिकारी बलिया को लिखे पत्र में कहा है कि उनकी नौकरी अब सिर्फ एक साल और एक सप्ताह की बाक़ी बची है. उनकी 31 साल की सेवा में उन पर कोई आरोप नहीं लगा लेकिन अब आज सुबह साढ़े आठ बजे स्थानीय विधायक सुरेन्द्र नाथ सिंह ने फोन कर कहा कि वह लगातार मेरे कार्यों पर नज़र रखते रहे हैं. विधायक ने कहा कि मैं एक ईमानदार छवि बनाकर भ्रष्टाचार में लिप्त व्यक्ति हूँ.
तहसीलदार ने विधायक की इस टिप्पणी के बाद जिलाधिकारी को लिखा है कि विधायक एक लोकप्रिय जनप्रतिनिधि हैं. प्रजातांत्रिक व्यवस्था में उनका निष्कर्ष प्रथमत: जनता का निष्कर्ष है.
तहसीलदार ने जिलाधिकारी बलिया से कहा है कि वह विधायक से उनके द्वारा प्राप्त भ्रष्टाचार सम्बंधित प्रकरणों का संज्ञान लेते हुए मुझ पर कठोर कार्यवाही सुनिश्चित करें. उन्होंने लिखा है कि उचित होगा कि मेरे सेवाकाल में भ्रष्टाचार से उपार्जित धन की जांच के लिए मेरी और मेरे परिवार के सभी सदस्यों की सम्पत्तियों की जांच भी कर ली जाए.
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तहसीलदार ने लिखा है कि विधायक के निकाले निष्कर्ष में एक प्रतिशत भी सच पाया जाए तो तात्कालिक रूप से आवश्यक सेवानिवृत्ति देते हुए कठोरतम कार्यवाही की जाए. सेवाकाल के आख़िरी चरण में अपमानित होकर मैं नौकरी करना सही नहीं पा रहा हूँ. ऐसे हालात में तहसीलदार जैसे गंभीर पद से हटाते हुए मुझे ऐसे पद पर नियुक्त किया जाए जहां भ्रष्टाचार की न्यूनतम सम्भावना हो.