लखनऊ | उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के लोग अब मेट्रो सिटी का एहसास करने लगे है और हो भी क्यों ना अब लखनऊ वाले भी अब स्मार्ट हो गए है। लेकिन मजे की बात ये है की लखनऊ मेट्रो रेल कारपोरेशन के एक सर्वे में ये निकल के आया है की शहर में होने वाले वाले सड़क हादसों में भारी कमी जल्द दिखने लगेंगे।
मेट्रो शुरू होने के बाद अब शहर में दुर्घटनाएं कम होंगी। एलएमआरसी के एक सर्वे के मुताबिक प्रति वर्ष शहर में औसतन 24 बड़ी तथा 213 छोटी दुर्घटनाएं कम हो जाएंगी। इसकी वजह से सैकड़ों लोगों की जान भी बचेगी। लाखों लीटर रुपये का पेट्रोल व डीजल भी बचेगा।
एलएमआरसी ने एयपोर्ट से मुंशीपुलिया तक मेट्रो का कामर्शियल रन शुरू करने के बाद ये सर्वे सिर्फ जुबिली पोस्ट से शेयर किया है। मेट्रो में यात्रा से लोग दुर्घटना का शिकार होने से बचेंगे। क्योंकि मेट्रो में एक दुर्घटना की आशंका प्रतिशत भी नहीं है। मेट्रो को यातायात का सबसे सुरक्षित साधन माना जाता है।
सर्वे के अनुसार मेट्रो हमारे लिए वास्तव में उपयोगी व सुरक्षित है। अपने स्वयं के या फिर सार्वजनिक वाहनों से यात्रा करना काफी जोखिम भरा है। दुर्घटना की आशंका रहती है। लेकिन मेट्रो काफी सुरक्षित है। एलएमआरसी की स्टडी के मुताबिक लखनऊ में प्रति वर्ष सैकड़ों लोग दुर्घटना का शिकार होते हैं। लेकिन ट्रैफिक से कही दूर है और टेक्नोलॉजी के साथ इसको विकसित किया गया है इसलिए दुर्घटना की संभावनाएं एक फीसदी भी नहीं है। मजे की बात ये है की खुद मेट्रो अधिकारी इसको पब्लिक ट्रांसपोर्ट का सबसे सुरक्षित साधन मानते है।
सर्वे के अनुसार
-
78 हजार 990 वाहन कम होंगे, प्रदूषण कम होगा, डीजल बचेगा
-
213 छोटी दुघर्टनाओं पर पूरी तरह से लगाम लग जाएगी
-
24 तरह के छोटे सड़क हादसों पर भी रोक लगेगी
नोट: सर्वे के अनुसार मेट्रो में हादसे की 1% भी आंशका नहीं है
मेट्रो में दुर्घटना की बिल्कुल गुंजाइश नहीं रहती है। इसमें यात्रा सबसे सुरक्षित रहती है। इसके शुरू होने के बाद शहर में दुर्घटनाओं में काफी कमी आएगी। डीजल पेट्रो तो बचेगा ही साथ ही प्रदूषण भी कम होगा। पुष्पा बेलानी, जनसम्पर्क अधिकारी, एलएमआरसी